पापा और बेटी का प्यार Hindi Story

यह कहानी एक पापा और बेटी की है जो एक दूसरे से बहुत प्यार करते है जहां पापा अपने बेटी को अपनी परी समझता हैं वह बेटी भी अपने पापा को किसी राजा से कम नहीं समझती हैं
यह कहानी एक छोटे से गांव की है जिसमे एक किसान रहता हैं जिसका नाम सुरेश है जिसकी एक बेटी है उसका नाम रिया है । सुरेश अपने बेटी से बहुत प्यार करते हैं । उसकी हर एक ख्वाइश पूरा करना चाहता है।और रिया भी अपने पापा से बहुत प्यार करती हैं। कोई कुछ भी बोले उससे रिया को कोई फर्क नहीं पड़ता । सुरेश जब रिया छोटी होती हैं तो उसे बहुत प्यार करता । और रिया को अच्छी बात बताते । गांव के लोग जहां बेटी और बेटो में भेद भाव करते हैं वहां सुरेश अपने बेटी को एक बेटा ही समझता है। और एक बेटे के जैसे ही उसका पालन पोषण करता है। गांव के लोग बोलते हैं कि अगर बेटा होता तो वंश बढ़ता बेटी का क्या है आज नहीं तो कल अपने ससुराल चली जाएगी । तब सुरेश बोलता है मेरी बेटी मेरे बेटे के जैसा ही है । एक पापा के लिए एक बेटी क्या होता हैं यह एक पापा ही बता सकते हैं। सुरेश को रिया के कारण क्या क्या नहीं सुनना पड़ता हैं बेटी है ससुराल चली जाएगी। कहीं किसी के साथ भाग जाएगी तो खानदान का नाम खराब करेगी , बेटी कुछ भी नहीं कर सकती ,अगर बेटा होता तो काम करके अपने मम्मी पापा को बुढ़ापे में सहार बनता और ना जाने क्या क्या। लेकिन सुरेश अपनी बेटी को एक बेटे के जैसा ही समझता है वह कभी भी बेटी बेटा में भेद भाव नहीं करता । सुरेश हमेशा लोगों की बातो का विरोध करता कि बेटी बेटा में भेद भाव नहीं करना चाहिए जो काम बेटा कर सकता है वे बेटी भी कर सकती है मगर लोग नहीं मानते । सुरेश अपनी बेटी को पढ़ा लिखा कर एक कलेक्टर बनाना चाहता है क्योंकि वे लोगों को बताना चाहता है कि अगर बेटी को भी बेटे से सामान अधिकार दिया जाए। तो बेटियां भी अपने परिवार वालों का नाम रोशन कर सकती है।

एक दिन की बात है रिया जब स्कूल में पढ़ाई कर रही होती है तो रिया के टीचर लोग एक पिकनिक का प्रोग्राम बनाते है और उसमें सभी बच्चों को जाना होता है । जब ये बात रिया ने अपने पापा को बताया कि पापा मुझे भी पिकनिक में जाना है तो रिया के परिवार वालो का माना है कि लड़की को आकेले बाहर भेजना ठीक नहीं है और पड़ोसी लोग का भी यही माना है कि लड़की को बाहर नहीं भेजना चाहिए। पर सुरेश को अपने बेटी पर पूरा भरोसा होता है कि उसकी बेटी ऐसा कोई ग़लत काम नहीं करेगी जिससे उसके पापा को शर्मिंदा होना पड़े। सुरेश लोगों कि बातो पर ध्यान ना देकर अपनी बेटी को पिकनिक में भेज देता हैं । रिया बहुत खुश होती हैं। और अपने पापा से बोलती है पापा एक आप ही है जो मुझे समझते हो love you papa .
ये बात तो सही है एक बेटी को एक पापा ही होता है जो उसे समझ सके।
रिया पिकनिक में जाती हैं और खूब मस्ती करती है रिया पढ़ाई में बहुत तेज होती है और रिया आपने पापा का सपना पूरा करना चाहती है जो पापा ने लोगों को बोला होता है कि मै अपने बेटी को कलेक्टर बनाउगा। तो रिया भी अपने पापा का सपना किसी भी कीमत पर पुरा करना चाहती है । रिया अपने हाई स्कूल की पढ़ाई अपने गांव में पूरी करती हैं। और आगे की पढ़ाई करने के लिए दूसरे गांव जाना होता है। तब लोग और परिवार वाले बोलते है कि लड़की है इतना मत पढ़ाओ और पढ़ा लिखा कर क्या बना जाएगी आखिर खाना ही तो बनना पढ़ेगा अपने ससुराल में। पर सुरेश नहीं मना वह रिया को दूसरे गांव पढ़ाई करने के लिए भेज देती है रिया 12th क्लास में टॉप करती है । पापा बहुत खुश होते है उसे अपने बेटी पर गर्व होता है । अब रिया को अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए शहर जाना होता है । जो रिया के परिवार वालों को मंजूर नहीं होता है वे गुस्से में आ जाते है और सुरेश से बोलते है तुम अपने बेटी को बाहर शहर में अकेले भेज रहे हो । आज तक हमारे परिवार की कोई भी लड़की बाहर नहीं गई है वे जितना पढ़ा ली वे नहीं काफी है अब वे शहर पढ़ने नहीं जाएगी ।
रिया ही अपने परिवार की एक सदस्य होती हैं जो वे इतने पढ़े लिखे होती हैं उसके परिवार में कोई भी आगे की पढ़ाई नहीं की होती हैं । परंतु रिया अपने आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं ।
रिया अपने पापा के पास जाती हैं और बोलती हैं पापा आप तो मुझ पर विश्वास करते हो ना ,आज तक आप ने ही मेरा साथ दिए हो । रिया अपने पापा से बोलती है पापा एक बात बोलूं । पापा बोलते है हा बेटा बोलो रिया बोलती है पापा आप मुझ पर कितना विश्वास करते हो?
तब पापा बोलता है बेटा यह कोई पूछने वाली बात है मैं तुम पे अपने आप से भी ज्याद विश्वास करती हूं तुम तो मेरी परी हो ,मेरी राजकुमारी । रिया बोलती है पापा आप मुझे पर इतना विश्वास करते हो । पापा हा मेरी परी बहुत ज्यादा। रिया बोलती है पापा मुझे आगे कि पढ़ाई करनी है मुझे आपका सपना पूरा करना है आप ही बोलते हो ना कि मेरी बेटी मेरा बेटा है जो मेरा नाम रोशन करेगी तो पापा आपने आज तक मेरा साथ दिया । आगे भी देना पापा । मै आपका सपना पूरा करने के लिए कुछ भी करुगी पापा। पूरी लगन से पढ़ाई करुगी । यह सब सुना कर सुरेश रोने लगता हैं और रिया को गले लगकर बोलता है हा मेरे बेटी रानी तुम जरूर पढ़ोगी ।अपने पापा का सपना जरूर पूरा करोगी।
और सुरेश रिया को शहर भेजने के लिए मान जाता है वह लोगों कि बातो पर ध्यान नहीं देता है और रिया को आगे कि पढ़ाई करने के लिए भेज देता है ।
रिया शहर जा के खूब पढ़ाई करती है वह अपने पापा के सपना को किसी भी हाल में पूरा करना चाहती हैं । और रिया यह कर दिखती है रिया एक कलेक्टर बन जाती और अपने गांव जाती हैं पापा अपनी बेटी को कलेक्टर बने देखकर बहुत खुश होते है । और बोलते है। मुझे तुम पर गर्व है मेरे परी । मैने जो सपना देखा था उसे तुमने पूरा कर दिखाई । और अपने बेटी को गले से लगा लेता है । गांव के लोगों को अपनी ग़लती का आहसास होता है कि अगर बेटियों को भी मौका दिया जाए तो वे भी खानदान का नाम रोशन कर सकती है। बेटियां भी दुनिया में अपना नाम कामा सकती हैं
इस कहानी के अंत में इतना ही कहना चाहती हूं कि बेटी की भी तो कुछ सपने होती है वे भी तो पूरी दुनिया को देखना चाहती है तो बेटी तो क्यों पढ़ाई करने ,अपने सपने को पूरा करने का मौका नहीं दिया जाता है ।
बेटी भी चाहती है कि लोग उसपे भी विश्वास करे ।उसकी बातो को समझे । एक बात तो सच है एक पापा ही होता है जो अपने बेटी को समझता है और उसकी हर ख्वाइश को पूरा करना चाहता है । अपनी बेटी को एक राजकुमारी की तरह रखता है

एक पिता ने क्या खूब कहा है मेरा बेटा तब तक मेरा बेटा है जब तक उसे पत्नी नहीं मिल जाता और मेरी बेटी तब तक मेरी बेटी है जब तब मेरी जिंदगी खत्म नहीं हो जाएगा।
जो रुला कर मना ले वो पापा है और जो रुला कर खुद भी रो ले वो मां है।
एक बेटी के लिए पापा क्या होता है यह एक बेटी ही बता सकती है

मै कुछ लाइन अपने पापा के लिए कहना चाहती हूं
अपने पापा की छवि तलाशती हूं और मायूस हो जाती हूं क्योंकि मेरे पापा जैसा कोई हो ही नहीं सकता।
जो खुद धूप में रहे और मुझे कभी धूप में निकलने भी ना दे । वो पापा ही है जो मुझे अपने आप से भी ज्यादा प्यार करते हैं।

मेरी पहचान है मेरे पापा, मेरी हर खुशी है मेरे पापा ,जो है लाखों में एक वे मेरी जान है मेरे पापा
I Love you papa

Writer – Sarita

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